लौकी के रस के औषधीय गुण – Lauki ke Juice ke Fayde

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औषधीय गुणों से भरपूर है लौकी

Lauki ke Juice ke Fayde

लौकी के रस के बेहतरीन औषधीय गुणों को जानने से पहले हम एक नजर लौकी के परिचय पर डालते है| भारत में लौकी को घीया, कद्दू , दूदी,और दुधी भी कहते है|इसको अंग्रेजी में बोटल गार्ड के नाम से जाना जाता है| लौकी की आकृति बोतल जैसी होती है| इसलिए पुराने जमाने में इसको सुखाने के बाद अंदर से खोखला करके इसके बोतलनूमा पात्र में पानी ,शराब आदि भर कर रखते थे शायद इसी के कारण इसे बॉटलगार्ड भी कहते है| लौकी केवल एक सब्जी ही नहीं है बल्कि यह शरीर को रोगरूपी जंजाल से मुक्त करने वाली औषधी भी है। बहुत सारे लोग लौकी खाना कम पसंद करते है क्योंकि वो इसको स्वादिष्ट नहीं मानते , परन्तु वो इसके वास्तविक फायदों के बारे में नहीं जानते है। लौकी का रस बुखार, खाँसी, पेट के रोगों ,हृदय के विकार, गर्भाशय आदि से सम्बंधित रोगों में लाभदायक है। लौकी नाड़ी-मण्डल को स्वस्थ रखती है और शक्ति देती है।

कैसे बनाये लौकी का रस

Benefits of Bottle Gourd Juiceलौकी को धोकर छिलके सहित उसका रस ज्यूसर में 8 पत्ते तुलसी, और 6 पत्ते पुदीना के डालकर निकाल लें। इस तरह रस छना हुआ निकलेगा। इस छने हुए रस में चार पिसी हुई कालीमिर्च तथा एक ग्राम पिसा सेंधा नमक मिला लें | लौकी के रस की मात्रा 150 मि. ली. होनी चाहिए। इसमें बराबर का ही साफ पानी इसमें मिला लें, यानि लौकी का रस और पानी दोनों की कुल मात्रा 300 मि. ली. होनी चाहिए। याद रखें – हर बार ताजा रस बनाकर ही पियें।

लौकी के रस  का प्रयोग

अगर लौकी का स्वाद कड़वा लगे तो इसको कभी ना पियें | सबसे पहले लौकी के जूस को थोडा सा चखें अगर यह कडवा लगे तो फेंक दें |

भोजन के 45 मिनट पहले या भोजन के एक घंटे बाद प्रतिदिन तीन बार प्रात:, दोपहर और रात्रि में सोते समय पियें। लौकी का सेवन ठण्डक देने वाला है। अत: जिन लोगों को जुकाम या नजले की समस्या हो वे लौकी का रस सर्दियों में ना पियें, पीना ही चाहें तो सोंठ और कालीमिर्च डालकर पियें। जिनको लौकी के रस से किसी भी प्रकार की हानि पंहुचती है, वे लौकी के रस में अंगूर या अनार का रस मिलाकर पी सकते है।

लौकी के रस के फायदे

पानी की कमी – उल्टी, दस्त, तेज बुखार के कारण शरीर में पानी की कमी होने पर समान मात्रा में नारियल का पानी और लौकी का रस मिलाकर हर 20 मिनट में आधा-आधा कप पीते रहने से पानी की कमी दूर हो जाती है तथा आगे भी पानी की कमी नहीं होती।

पेट के रोग – एक कप लौकी का रस सुबह खाली पेट प्रतिदिन पीने से पेट के सभी सामान्य रोग व कब्ज ठीक हो जाते है। लम्बे समय तक इसी प्रकार लौकी का रस पीने से पेट ठीक रहेगा। लौकी की खिचड़ी भी खा सकते है।

पैर के तलवों की जलन – लौकी को काटकर इसका पेस्ट पैर के तलवों पर मलने से पैरों की गर्मी, जलन, दूर होती है। लौकी का रस भी लगाया जा सकता है।

Lauki ke Juice ke Fayde

दस्त – लौकी का रायता दस्तों में लाभप्रद है। लौकी को कद्दूकस करके थोड़ा पानी डालकर उबालें। फिर दही को अच्छी तरह मथकर उसमें उबली हुई लौकी को हल्का सा निचोड़ कर मिला दें और फिर उसमें सेंधा नमक, भुना जीरा, कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर दिन में 3 बार खाएँ। बार-बार दस्त जाना बन्द हो जायेगा। दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, ऐसी हालत में रोगी को लौकी का रस देने से लाभ होता है।

मानसिक तनाव – आधा कप लौकी का रस दो चम्मच शहद मिलाकर सोते समय पीने से मानसिक तनाव कम होता है। सिर में लौकी का तेल लगायें। लौकी से बहुत लाभ होता है। अन्न, दालें, फल-सब्जियाँ छिलकों सहित खायें। ठंडी प्रकृति वाली सब्जियाँ जैसे लौकी, कद्दू, तोरई, टिन्डा, भीगे हुए बादाम और अंजीर, गेहूँ का दलिया क्षार प्रधान होते हैं। ये चीजें भोजन में शामिल करें इससे तनाव कम होता है। चाय-कॉफी, शराब, मैदा की चीजें, तला हुआ भोजन, डिब्बा बन्द भोजन आदि से परहेज रखें, नहीं खायें।

गला दर्द – एक गिलास लौकी के रस में दो चम्मच शहद या शक्कर मिलाकर पीने से लाभ होता है।

मधुमेह में लौकी लाभ करती है। सब्जी, सलाद के रूप में कच्ची लौकी खा सकते हैं। लौकी के रस में थोड़ा नमक मिलाकर पियें।

Benefits of Bottle Gourd Juice

गठिया – लौकी के 100 मि.ली. रस में 3 ग्राम सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से गठिया की सूजन तथा दर्द से आराम मिलता है।

गर्भावस्था – लौकी गर्भाशय संबंधी विकारों में लाभदायक है। इसलिए जिन स्त्रियों को बार-बार गर्भस्राव या गर्भपात हो जाता है, उन्हें कुछ दिनों तक लौकी का सेवन सब्जी या रस के रूप में अवश्य करना चाहिए। इससे गर्भाशय मजबूत होगा और गर्भस्राव से छुटकारा मिल जाएगा। गर्भवती महिला को लौकी का रस ताकत देता है। लौकी का रस या सब्जी, खिचड़ी खाते रहने से गर्भस्थ शिशु का पोषण होता है, शिशु स्वस्थ और सही वजन का जन्म लेता है। गर्भवती महिला का भी पोषण होता है।

दाँत-दर्द के लिए लौकी का नुस्खा – लौकी 75 ग्राम, लहसुन 20 ग्राम, दोनों को पीसकर एक लीटर पानी में उबालें। पानी आधा रह जाने पर छानकर कुल्ले करने से दाँत-दर्द ठीक होता है।

वजन कम करने लिए लौकी के जूस के फायदे – वैसे तो लौकी से वजन या चर्बी कम होती है| इसके लिए आप – ताजा लौकी के छीलको को घिया से अलग कर लें, फिर इनको किसी जूसर में डालकर इसका रस निकाल कर सुबह खाली पेट पिए| इस रस में आयरन पोटाशियम ,और अन्य खनिज तत्व शरीर को फायदा पंहुचाते है तथा यह मोटापे को भी कम करता है|

सिरदर्द – लौकी को पीसकर माथे पर लेप करने से गर्मी के प्रभाव से होने वाला सिरदर्द ठीक हो जाता है। लौकी का तेल सिर में नित्य लगायें। सिरदर्द दूर हो जायेगा, रात को सिर की लौकी के तेल से मालिश करके सोयें। नींद अच्छी आयेगी|

बालों के लिए लौकी तेल के फायदे – लौकी का तेल बालों में लगाने से बालों को मजबूती मिलती है और रूसी तथा बालों का झड़ना कम होता है|

Benefits of Bottle Gourd Juice

बुखार – तेज बुखार होने पर घबरायें नहीं, तेज ज्वर होने पर पैर के तलवों पर पानी के छींटे मारते हुए लौकी का गूदा (पीसी हुई लौकी का पेस्ट) रगड़ें। इससे बुखार की तेज गर्मी कम हो जाती है। ज्वर हल्का हो जाता है। इससे तलवों की जलन भी कम हो जाती है।

जलन, चर्मरोग – लौकी के रस का प्रभाव ठंडा होता है अत: जिन रोगों में जलन, अधिक प्यास लगती है, उनमें लौकी का रस पीना लाभदायक होता है। एक कप लौकी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से शरीर की गर्मी , एसिडिटी, पेट की जलन, आँखों की जलन, रक्तविकार आदि रोगों में लाभ होता है।

रक्तस्राव – शरीर के किसी अंग से अगर रक्त बह रहा हो तो लौकी के छिलकों को बारीक पीसकर उस स्थान पर लगाकर पट्टी बाँध देने से रक्त का बहना बंद हो जाता है।

यूरिन संबंधी रोगों तथा गुर्दे के दर्द में लौकी का आधा कप रस निकाल कर उसमें चुटकी भर सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से यूरिन खुलकर आता है|

पेशाब की जलन – एक गिलास लौकी के रस में स्वादानुसार नींबू निचोड़ कर पीने से पेशाब की जलन ठीक हो जाती है। लौकी उबाल कर मथकर रस निकालें और रोजाना चार बार एक-एक गिलास पियें। इससे भी पेशाब खुलकर आयेगा।

लौकी के अन्य घरेलू नुस्खे

सौंदर्यवर्धक – लौकी के ताजा छिलके पीसकर चेहरे पर लगाये त्वचा खिल उठेगी। तथा लौकी का गूदा रगड़ने से काले दाग मिट जाते हैं।

आँखें दुखना – लौकी को पीसकर लुगदी पतले कपड़े में रखकर ऑंखें बन्द करके पोटली ऊपर रखकर चालीस मिनट सोयें। शीघ्र लाभ होगा।

Lauki ke Juice ke Fayde

रक्तशोधक – खून साफ़ करने के लिए लौकी के गुण

लौकी को उबालकर बिना नमक डाले नित्य खाने से रक्त साफ हो जाता है। फुन्सियाँ निकलना बन्द हो जाती हैं।
आधा कप लौकी के रस में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम पीने से रक्त साफ हो जाता है।

गर्मीनाशक – लौकी गर्मी दूर करती है। मस्तिष्क में या पेट की गर्मी की समस्या हो तो लौकी के बीजों के अन्दर की गिरी दो-दो चम्मच रोजाना दो बार खायें। गर्मी का प्रभाव दूर हो जायेगा। पकी हुई सूखी इमली 30 ग्राम तथा गुड़ 50 ग्राम लेकर एक लीटर पानी में एक घंटा भिगोकर मसल कर पानी में घोल लें। लौकी का 75 ग्राम गूदा लेकर, इसके छोटे-छोटे टुकड़े करके इस घोल में डाल कर इतना उबालें कि पानी एक चौथाई रह जाये। फिर उबालना बन्द करके हल्का सा गर्म रहने पर पानी छान कर नित्य एक बार 10 दिन तक पियें।

पीलिया – लौकी को आग में सेंककर भुर्ता-सा बना लें, फिर इसे निचोड़कर रस निकालकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पियें। साथ ही लौकी का सूप भी पियें।

 

 

 

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