डायबिटीज़ कैसे होता हे, बचने के लिए क्या करना चाहिए | Dayabitiz se kaise bache

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Dayabitiz se kaise bache

आजकल इस भागदौड़ भरे युग में अनियमित जीवनशैली के कारन जो बीमारी सर्वाधिक लोगो को अपने सिकंजे में ले रही है वो है मधुमेह |
मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है | मधुमेह एक ऎसी बीमारी है जो एक बार शरीर में घुस जाती है तो जिंदगी भर नहीं छोड़ती | इस बीमारी का सबसे बुरा पक्ष ये है की ये रोग शरीर में अन्य रोगो को भी आमंत्रित करता है |मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम चीज है |पहले यह बीमारी चालीस की उम्र के बाद ही होती थी लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है |

मधुमेह कैसे होता है?

मधुमेह एक पुरानी स्थिति है जो शरीर में रक्त शर्करा को ग्लूकोज के रूप में संसाधित करने के तरीके को प्रभावित करती है | आपके शरीर को ठीक से काम करने के लिए, आपको अपने रक्त में ग्लूकोज का एक स्वस्थ स्तर बनाए रखने की जरुरत होती है | ग्लूकोज इस का मुख्य स्त्रोत है | यह आपको आप क द्वारा खाये जाने वाले कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों से आता है, जैसे कि रोटी, पास्ता, चावल, अनाज , फलो , स्टार्च वाली सब्जियां, दूध और दही वगेरा |जब आप ये सब चीजो को खाते हैं, तो आपकी रक्त धारा आपके शरीर के चारों ओर ग्लूकोज को पहुंचाती है, और आपकी कोशिकाएं इस ग्लूकोज़् को ऊर्जा में बदल देती है | आपके शरीर को इंसुलिन, आपके अग्न्याशय में निर्मित हार्मोन की आवश्यकता होती है। यदि आपको डॉयबिटीज है, तो इसका मतलब है कि आपका बॉडी बहुत कम इंसुलिन बनाता है |आपके द्वारा खाया जाने वाला ग्लूकोज ऊर्जा में बदल जाने के बजाय आपके रक्त में रहेगा |
इंसुलिन एक हार्मोन है जो पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है | इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को ऊर्जा में बदलने का होता है |यही वह हार्मोन होता है जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है |
जब हमारे शरीर के पाचनतंत्र में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है |इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है | यह रोग महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होता है | डायबिटीज ज्यादातर वंशानुगत और जीवनशैली बिगड़ी होने के कारण होता है |

मधुमेह के प्रकार.

मधुमेह सामान्यत तीन प्रकार के होते है |
(1) टाइप 1 मधुमेह
(2) टाइप 2 मधुमेह
(3) गर्भावधि मधुमेह

(1) टाइप 1 डायबिटीज

अगर आपकोटीपे 1 मधुमेह है तो इसका मतलब ये है की आपका बॉडी इन्सुलिन नहीं बनाता है| आपकी इम्मूयन सिस्टम इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओ पे हमला करती है और उसे नष्ट कर देती है टाइप 1 मधुमेह बच्चो और युवा वयस्कों में निदान किया जा सकता है | हलाकि ये कई भी उम्र में प्रगट हो सकता है |टाइप 1 मधुमेह वाले लोगो को जिन्दा रहने के लिए प्रतिदिन इन्सुलिन इंजेक्ट करना पड़ता है |

टाइप 1मधुमेह के लक्षण
इस के लक्षण कुछ ही दिनों या कुछ ही हप्तो में दिखाई देते है |
• पेट में दर्द
• अत्यधिक भूख लगना
• पेशाब अधिकबार आना
• अत्यधिक प्यास लगना और बहुत तरल पदार्थ पीना
• वजन घटना
• मनोदशा में बदलाव
• थकान
• कमजोरी
• सर दर्द
• धुंधली दृष्टी
• त्वचा में संक्रमण या खुजली
यदि आप के परिवार का कोई भी सदस्य ऊपर में से कोई भी लक्षण का अनुभव कर रहा है तो आप को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहीऐ |

(2) टाइप 2 मधुमेह

अगर आप को टाइप 2 मधुमेह है यो इस का मतलब ये है की अगर आपका बॉडी अच्छे से इन्सुलिन को नहीं बनाता या तो अच्छे से उपयोग नहीं करता | टाइप 2 मधु मेह किसि भू उम्र में विकसित हो सकता है |यहाँ तक की बचपन में भी | इस प्रकार का मधुमेह ज्यादातर मध्यम आयु वर्ग और बुढ़ापे में होता है| ये मधुमेह का सबसे आम प्रकार है |
= टाइप 2 मधुमेह के लक्षण

• बार बार मूत्र आना , आम दौर पर रत में देखा जाता है
• शुष्क मुँह
• सामान्य से अधिक प्यास लगना
• बहुत ज्यादा भूख लगना
• थकन , सुस्ती या जलन महसूस होना
• कट या घाव बहुत देरी से भरना
• खुजली या त्वचा में संक्रमण
• थ्रश या मूत्राशय में संक्रमण
वजन में बदलाव – वजन में धीरे धीरे वृद्धि
• सर दर्द
• चक्कर आना
• निचले पैरों में दर्द या झुनझुनि
ये सब टाइप 2 मधुमेह के लक्षण हे ये लक्षण दिख ने पे डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरुरी है|

(3) गर्भावधि मधुमेह

कुछ महिलाओ में गर्भावस्था के दौरान मधुमेह होता है उसे गर्भावधी मधुमेह कहते है | ज्यादातर ये मधुमेह बच्चे के जन्म के बाद दूर हो जाता है |
हालाकि आप को गर्भकालीन मधुमेह था तो भविष्य में आप को टाइप 2 मधुमेह हो ने की सम्भावना हो सकती है |

(4) अन्य प्रकार के मधुमेह Other types of diabetes
कम सामान्य प्रकारो में मनोजेनिक मधुमेह शामिल है | ये प्रकार का मधुमेह आप को विरासत में मिल सकता है और सिस्टिक फाइब्रोसिस से संबंधित मधुमेह ह | अगर आप के फैमली में किसी को (माता – पिता या दादा ) मधुमेह था तो वो आपको भी आ सकता है इसे मनोजेनिक मधुमेह कहते है |

मधुमेह से बचने के लिया हमें क्या करना चाहिए | तो जानते है जिस से इस से बचपाए | Dayabitiz se kaise bache

(1) एक हेल्दी लाइफस्टाइल डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है |

(2)हेल्दी खाएं, शारीरिक मेहनत करें, वजन कंट्रोल में रखें, वॉकिंग और व्यायाम करें|
(3)नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाते रहें|
(4)आयुर्वेद में खाने की जितनी कड़वी चीजें हैं, वे डायबिटीज के मरीजों में शुगर और फैट को नियंत्रण में रखने में सहायक होते हैं|
(जैसे जौ, बाजरा, हल्दी, मेथी वगैरह)
(5) डायबिटीज के मरीजों को इलायची और अदरक भी खाने की सलाह दी जाती है|

डायबिटीज से हार मत मानिए बल्कि डायबिटीज को हराइए। मौत की खामोश आहट को पहचानिए और इस की तुरंत सारवार कीजिये |
अगर एस्प कोमधुमेह है तो आप इस घरेलु उपाय से सारवार कर सकते है।

•5 किलो आटे में एक एक किलो जौ और चने का आटा मिलाना चाहिए |

• 10 मिग्रा आंवले के जूस को 2 ग्राम हल्दी ka पावडर में मिला लीजिए |इस घोल को दिन में दो बार लीजिए | इस से खून में सुगर नियंत्रण में रहेगी
•काळा जामुन मधुमेह की अचूक औषधी है | मधुमेह के मरीज को काळा नमक के साथ जामुन खाने चाहिए इस से खून में शुगर की मात्रा संतुलित रहेगी |
•करेले को मधुमेह की अक्सीर दवा मणि जाती है |अतः करेले के रास को रोज सेवन करना चाहिए |उबले करेले के पानी से मधुमेह को जल्द ही शीघ्र स्थाई रूप से समाप्त किया जा सकता है|
•मैथीदानों का चूर्ण नित्य प्रातः खाली पेट दो टी-स्पून पानी के साथ लेना चाहिए|
•मधुमेह के मरीजों को नियमित 2 चमच्च नीम के पत्ते का रस और 4 चमच्च केले के पत्ते का रस लेना चाहिए |
•तुलसी के पत्तों में ऐन्टीआक्सिडन्ट और ज़रूरी तेल होते हैं जो इनसुलिन के लिये सहायक होते है|
•दो से तीन आवंला से बीज निकालकर आवंला को पीस लें और उसका रस निकालें|आप करीबन दो टेबलस्पून आंवला के रस को एक कप पानी में मिलाएं और हर दिन इसे सुबह खाली पेट पीएं | इस से सुगर लेवल कण्ट्रोल में रहेगा |
• यदि आप दालचीनी के स्वाद को पसंद करते हैं, तो ये आपके लिए फ़ायदे का सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि अध्ययन में पाया है कि यह मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करती है |
•निम् की छल का काढ़ा पीना भी मधुमेह को नष्ट कर देता है |
•काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को गला दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए|इससे मधुमेह ( Diabetes)दूर होती है |
•के शिकार व्यक्ति को अपने आहार में एलो वेरा जूस को अवश्य ही शामिल करना चाहिए| इस में मौजूद विभिन्न प्रकार के विटामिन्स, मिनरल्स, खनिज शरीर के सेल स्तर पर काम करते है जिससे सुगर की मात्रा नियंत्रित होती है और व्यक्ति चुस्त और दुरुस्त भी रहता है|
•madumeh के रोगी को हर रोज लसहुन , धनिया ,अदरक की चटनी बनाकर कहानी चाहिए |
• मधुमेह में नित्य अमरुद माहिम माहिम काट कर ऊपर कला नमक और काली मिर्च डालकर खाने से बॉडी सुगर में बहोत फायदा मिलता है |

•विटामिन सी त्वचा के साथ साथ मधुमेह के लिए भी अच्छा है | प्रतिदिन 600Ml विटामिन सी लेने से बॉडी में शुगर का संतुलन होता है | आवला , संतरा , ब्लूबेरी , टमाटर जैसे पदार्थो की डाइट में जरूर शामिल करे |

•मधुमेह पीड़ित व्यक्ति को दिन में काम से काम 2.5 या 3 लिटर तक पानी पीना चाहिए |

• लगभग एक महीने तक अपने आहार में रोज एक ग्राम दालचीनी का इस्तमाल करे , इस से ब्लड सुगर के लेवल के साथ वजन भी नियंत्रित होगा |

•गेहू के आटे में चने और जौ के आटे को मिला कर उसकी रोटी बना कर खाने से कोई रोग बॉडी में नहीं प्रवेश कर पाता और मधुमेह को दूर रखता है|

•काँच या चीनी मिट्टी के बर्तन में 5-6 भिंडियाँ काटकर रात को भीगा दीजिए, सुबह इस पानी को छानकर पी लीजिए| इससे मधुमेह दूर होती है|

•मधुमेह के मरीजों को नियमित रूप से दो चमच्च निम् और चार चमच्च केले के पत्ते का रस मिलाकर पिने से सुगर लेवल कम होता है |

•ग्रीन टी भी मधुमेह के मरीज के लिए फायदेमंद होता है |

•गेहूं के पौधों में रोगनाशक गुण होते हैं |गेहूं के छोटे-छोटे पौधों से रस निकालकर प् प्रतिदिन सेवन करने से भी शुगर नियंत्रण में रहती है |

यहाँ पे दिए गए आयुर्वेद के उपायों, परीक्षित प्रयोगो, लोगो के अनुभवों के आधार पर तैयार किये गए है| किसी भी बीमारी में आप अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य ही लें| अगर आप पहले से कोई दवा ले रशे है तो वो दवा बंद न करें | इन उपायों का प्रयोग अपने विवेक के आधार पर करें और मधुमेह को नियंत्रित करे |

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