जानिए छोटी सी लौंग के होनेवाले फायदे – Clove Benefits in Hindi

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    2028

    खाइये एक लौंग और पाइये फायदे अनेक

    Laung ke fayde in hindi

    आयुर्वेदिक के मतानुसार लौंग तीखा, आंखों के लिए लाभकारी, शीतल, पाचक और रुचिकारक होता है। लौंग एक बहुत छोटा सा फूल के आकार का होता है। लौंग की हमारे भारतीय मसालों में मुख्य जगह है। इससे खाने को नया स्वाद मिलता है। लौंग का उपयोग खाने के अलावा औषधि के रूप में भी किया जाता है। लौंग का उपयोग विभिन्न रोगों में किया जाता है। यह दांतों के दर्द में भी लाभकारी है।

    लौंग का ज्यादातर उत्पादन जांजीबार और मलाक्का द्वीप में होता है। बांग्लादेश , इंडोनेशिया , भारत , श्रीलंका आदि देशों में भी अब लौंग का उत्पादन होता है। इसे मसाले और दवा के रूप में काम में लेते है। लौंग के पेड़ की पत्तियां , छाल ,आदि का भी उपयोग दवा में होता है। लौंग एक खुशबूदार मसाला है। जिसे भोजन में स्वाद के लिए डाला जाता है।

    हमे १ ग्राम से ३ ग्राम तक की मात्रा में ही लौंग का सेवन करना चाहिए। क्योंकि वैज्ञानिक के मतानुसार लौंग गर्म होता है। इसलिए लौंग ज्यादा खाने से सिर दर्द होता है। लौंग पेट के दर्द को मिटाने वाला माना जाता है। यह पाचनशक्ति को बढ़ाता है।गर्भवती स्त्री को उल्टी होने पर लौंग को गर्म पानी में भिगोकर उसका पानी पिलाने से लाभ होता है। लौंग का तेल औषधि के रूप में भी उपयोग में आता है। लौंग के तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा के कीड़े नष्ट होते है।

    लौंग का धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्त्व है क्योंकि किसी पूजा अनुष्ठान में लौंग का जोड़ा अर्पित किया जाता है|

    • दांत के दर्द को ठीक करे
      -दांत के दर्द में सबसे आसान तरीका है लौंग। लौंग में मौजूद तत्व मसूड़ों की सुजन को कम करते है, इसके उपयोग से जल्दी से आराम मिलता है। इसके साथ ही ये इन्फेक्शन को फैलने से रोकता है।
      -कॉटन में थोडा सा लौंग का तेल लें, उसे दर्द वाले दांत के नीचे रखें, इसके अलावा आप 2 लौंग पाउडर में ओलिव आयल मिलाकर उसे दर्द वाले स्थान में लगायें।
      -अगर आपके पास लौंग की पत्तियां है, तो उसे दर्द वाले स्थान में दांतों के बीच दबा लें कुछ देर बाद अलग कर दें, आराम मिल जायेगा।
      -लौंग को आग पर भूनकर दांतों के गड्ढे में रखने से दांतों का दर्द खत्म होता है।
      -लौंग के तेल में कपूर का चूर्ण मिलाकर दर्द वाले दांतों पर लगाने से दर्द में आराम रहता है।
      -5 लौंग पीसकर उसमें नींबू का रस निचोड़कर दांतों पर मलने से दांतों के दर्द में लाभ होता है।
    • सर्दी – जुकाम को ठीक करे
      -लौंग का काढ़ा पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
      -2 बूंद लौंग के तेल में थोड़ा सा शक्कर मिलाकर सेवन करने से जुकाम समाप्त हो जाता है।
      -लौंग के तेल की कुछ बुंदे किसी स्वच्छ कपडे के टुकड़े पर टपकाकर, उस कपडे को बार-बार सूंघने से जुकाम की समस्या ठीक हो जाता है साथ ही नाक भी बंद नहीं होती है, और नाक अगर बंद हो तो खुल जाती है।
      -एक कप पानी में 3 लौंग डालकर उबाल लें। उबलने पर जब पानी आधा बाकी रह जाये तो इसके अन्दर थोड़ा सा नमक मिलाकर पीने से जुकाम दूर हो जाता है।
    • रतौंधी को ठीक करे
      -लौंग को बकरी के दूध में घीसकर काजल की तरह आंखों में लगाने से धीरे-धीरे रतौंधी रोग ठीक हो जाता है।

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    • बुखार को ठीक करे
      -1 लौंग पीसकर गर्म पानी से फंकी लें। इस तरह रोज 3 बार यह प्रयोग करने से सामान्य बुखार दूर होता है।
      -लौंग और चिरायता दोनों बराबर मात्रा में पानी के साथ पीसकर पिलाने से बुखार (ज्वर) ख़त्म हो जाता है |
      -जब बुखार में खूब प्यास लगे तो थोड़े से पानी में चार लौंग डालकर पानी को उबालें, जब आधा शेष बचे तो इसे बार-बार पीने से बुखार दूर होता है।
    • खांसी को ठीक करे
      -सुबह-शाम दो-तीन लौंग मुंह में रखकर रस चूसते रहना चाहिए। जब तक मुंह में लोंग रहती है तब तक खांसी बंद ही रहती है।
      -लौंग और अनार के छिलके को बराबर पीस लें, फिर इसे चौथाई चम्मच भर लेकर आधे चम्मच शहद के साथ दिन में 3 बार चाटें। इससे खांसी में राहत मिलती है।
      -2 लौंग गर्म तवे पर भूनकर ठंडा होने पर उसे पीस ले  फिर उसमे  1 चम्मच दूध  मिलाकर गुनगुना सा ही बच्चों को सोते समय पिला देने से खांसी से छुटकारा मिल जाता है।
      -10 ग्राम लौंग, 10 ग्राम जायफल, 10 ग्राम पीपल, 20 ग्राम मिर्च, 160 ग्राम सोंठ और 210 ग्राम बूरे का चूर्ण बनाकर गोली बना लें। इन गोलियों के सेवन से खांसी, बुखार, अरुचि, प्रमेह, गुल्म, श्वास, मंदाग्नि तथा ग्रहणी के रोग में तुरन्त लाभ मिलता है।
      -1 भाग लौंग और 2 भाग अनार के छिलके को मिलाकर पीसकर इनका चौथाई चम्मच आधे चम्मच शहद में मिलाकर रोजाना 3 बार चाटने से खांसी के रोग में लाभ मिलता है।
    • सिर दर्द को ठीक करे
      -लौंग को पीसकर लेप करने से सिरदर्द तुरन्त बंद हो जाता है। इसका तेल भी लगाया जाता है या 5 लौंग पीसकर 1 कप पानी में मिलाकर गर्म करें जब आधा बच जाये तो उसे छानकर चीनी मिलाकर पिलायें। इसका सेवन शाम को और सोते समय 2 बार करते रहने से सिरदर्द ठीक हो जाता है।
      -6 ग्राम लौंग को पानी में पीसकर गर्मकर गाढ़ा लेप कनपटियों पर लेप करने से सिर का दर्द दूर होता है।
      -लगभग 5 लौंग लेकर उसको एक कप पानी में पीसकर गर्म करें और आधा कप पानी रहने पर छानकर चीनी मिला दें। इसे सुबह और शाम को दो-चार बार पिलाने से सिर का दर्द खत्म हो जाता है।
    • पेट की गैस को ठीक करे
      -2 लौंग पीसकर उबलते हुए आधा कप पानी में डालें। फिर कुछ ठंडा होने पर पी लें। इस प्रकार यह प्रयोग रोजाना 3 बार करने से पेट की गैस में फायदा मिलेगा।
      -आधे कप पानी में 2 लौंग डालकर पानी में उबाल लें। फिर ठंडा करके पीने से लाभ होगा। इस से वायु विकार (गैस) और पेट दर्द खत्म हो जाता है।

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    • भूख ना लगे तब
      -आधा ग्राम लौंग का चूर्ण 1 ग्राम शहद के साथ रोज सुबह चाटना चाहिए। थोडे़ ही दिनों में भूख अच्छी तरह लगने लगती है।
    • गर्भवती स्त्री को उलटी होने पर
      -गर्भवती स्त्री को उलटी हो रही हो तो 1 ग्राम लौंग का पाउडर अनार के रस के साथ देना चाहिए।
      -लौंग एक ग्राम पीसकर शहद में मिलाकर दिन में 3 बार चटाने से गर्भवती की उल्टी बंद हो जाती है।
      -एक रत्ती लौंग को पीसकर, मिश्री की चाशनी में मिलाकर चाटकर खिलाने से गर्भवती स्त्री की उल्टियां बंद हो जाती है।
    • पेट दर्द और सफेद दस्त को ठीक करे
      -लौंग के पाउडर को शहद के साथ चाटने से लाभ मिलता है।
    • अम्लपित्त को ठीक करे
      -अम्लपित्त से पाचनशक्ति खराब रहती है। इस अवस्था में खाना खाने के बाद 1-1 लौंग सुबह-शाम खाने से या शर्बत में लेने से अम्लपित्त से पैदा होने वाले सारे रोगों में फायदा होता है और अम्लपित्त ठीक हो जाता है।
      -15 ग्राम हरे आंवलों का रस 5 पिसी हुई लौंग, 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच चीनी मिलाकर रोगी को सेवन करायें। ऐसे रोज सुबह, दोपहर और शाम को 3 बार खाने से कुछ ही दिनों में फायदा होता है।
      -सुबह और शाम भोजन के बाद 1-1 लौंग खाने से आराम आता है।
    • फेफड़ों की सूजन ठीक करे
      -लौंग का चूर्ण बनाकर 1 ग्राम की मात्रा में लेकर शहद व घी को मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से खांसी और श्वांस सम्बंधी पीड़ा दूर हो जाती है।
    • दांत को मजबूत करे
      -दांतों में कमजोरी के कारण दांत हिलने तथा टूटने लगते हैं। इस तरह की परेशानी में कालीमिर्च 50 ग्राम और लौंग 10 ग्राम को पीसकर मंजन बनाकर रोजाना मंजन करें। इससे दांत मजबूत होते है।
    • पायरिया ठीक करे
      -लौंग के तेल में खस और इलायची को मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम दांतों पर मलने से पायरिया ठीक होकर मुंह की दुर्गन्ध दूर होती है।
      -5 से 6 बूंद लौंग का तेल 1 गिलास गर्म पानी में मिलाकर गरारे व कुल्ले करने से पायरिया रोग नष्ट होता है।
    • पेट का फूलना ठीक करे
      -3 ग्राम लौंग को 200 मिलीलीटर पानी में उबाल लें। फिर छानकर इस पानी को पीने से अफारा, गैस समाप्त होता है।
      -120 मिलीग्राम से 240 मिलीग्राम तक लौंग की फांट या चूर्ण को रोजाना सुबह और शाम सेवन करने से अफारा में लाभ होता है।
      -मिश्री में 1 से 3 बूंद लौंग के तेल या गोंद को मिलाकर सेवन करने से अफारा मिटता है।

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    • उल्टी में लाभदायक
      -4 लौंग को पीसकर 1 कप पानी में डालकर उबालने के लिए रख दें। जब उबलता हुआ पानी आधा रह जाये तो उसे छानकर स्वाद के मुताबिक उसमें चीनी मिलाकर पी लें और सो जायें। पूरे दिन में इस तरह चार बार इस पानी को पीने से उल्टियां आना बंद हो जाती है।
      -अगर उल्टियां बंद नहीं हो रही हो तो 2 लौंग और थोड़ी सी दालचीनी लेकर 1 कप पानी में डालकर उबाल लें। जब पानी आधा बाकी रह जाये तो पानी को छानकर रोगी को जब भी उल्टी आये पिलाते रहें। इससे थोड़े समय में ही उल्टियां आना बंद हो जायेंगी।
      -2 लौंग को आग पर गर्म करके जब भी उल्टी हो चूसें। इससे उल्टी बंद हो जाती है।  2 लौंग को पानी में डालकर उबाल लें। फिर उस पानी को ठंडा होने पर इसमें मिश्री डालकर रोगी को पिलाकर सुला दें। इससे कुछ समय में ही उल्टी का रोग समाप्त हो जाता है।
      -लौंग और दालचीनी का काढ़ा बनाकर पीने से उल्टी होना बंद हो जाती है।
      -शहद में लौंग और अजमोद का चूर्ण मिलाकर खाने से उल्टी होना बंद हो जाती है।
    • कमरदर्द को ठीक करे
      -लौंग के तेल की मालिश करने से कमर दर्द के अलावा अन्य अंगों का दर्द भी मिट जाता है। इसके तेल की मालिश नहाने से पहले करनी चाहिए।
    • गठिया रोग को ठीक करे
      -लौंग, भुना सुहागा, एलुवा एवं कालीमिर्च 5-5 ग्राम को कूट-पीस लें और घीग्वार के रस में मिलाकर चने के आकार के बराबर की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। उसके बाद एक-एक गोली सुबह-शाम लेने से गठिया का रोग नष्ट हो जाता है।

     

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